प्रात: काल के मन्त्रा
वैदिक शास्त्रों के अनुसार हर दिन की शुरुआत शुभ मंत्रो से करना चाहिये। यदि व्यक्ति इन मंत्रो का विधिवत पालन करे तो उसे जीवन में हर तरह के सुख और समृद्धि मिलना १००% निश्चित है। तो आइये जाने उन मंत्रो को जो हमारे जीवन में सुख ,वैभव, धन,और हर तरह की समृद्धि प्रदान करते है।
१. कराग्रे वसते लक्ष्मी, करमध्ये सरस्वती।
करमूले तू गोविंदा प्रभाते करदर्शनम्।।
अर्थात :- हाथ के आगे के भाग में देवी लक्ष्मी का निवास है, हाथ के मध्य भाग में देवी सरस्वती का निवास होता है ,हाथो के आधार भाग में श्री गोविन्द का निवास करते है। इसलिए हर व्यक्ति को सुबह अपने हाथो को देखना चाहिए और इस मंत्र का मनन करना चाहिए।
Meaning: At the Top of the
Hand reside Devi Lakshmi and at the Middle of the Hand reside Devi
Saraswathi, At the Base of the Hand, reside Sri Govind; Therefore, one should
Look at one's Hands in the Early Morning and contemplate on Them
पृथ्वी छमा प्रार्थना
२. समुद्र वसने देवी पर्वत स्तन मंडिते ,विष्णु पत्नी नमस्तुभ्यं पाद स्पर्श क्षमश्वमेव
अर्थात:- समुद्र जिसमे वास करते , जिसने पर्वतो को धारण किये हुए है , जो संसार को पोषित करने बलि है। विष्णु की पत्नी आपको मेरे चरण स्पर्श करने जा रहा हू ,माँ मुझे क्षमा करना।।
Meaning: Oh Mother Earth, O
Devi, You Who have the Ocean as Your Garments, and Mountains as Your Bosom, O
Consort of Lord Vishnu, Salutations to You; Please Forgive my Touch of the Feet
on Earth, which is Your Holy Body.
स्नान मंत्र
३. गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।। अर्थात :- गंगा यमुना ,गोदावरी ,सरस्वती ,नर्मदा ,सिंधु ,कावेरी नदिया।मेरे स्नान करने के लिए जल में पधारे।।
Ganges, Yamuna, Godavari,
Sarasvati, Narmada, Indus, Kaveri rivers! All of you visit this water of taking
my bath.
नवग्रह स्मरण
४. ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानु: शशी भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्र: शनिराहुकेतव: कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्।।
अर्थात :- ब्रह्मा,विष्णु,शिव,सूर्य,चन्द्रमा,मंगल,बुध,गुरु,शुक्र,शनि,राहु और केतु ये सभी मेरे प्रातः काल को मङ्गलमय करें।
- Meaning: Brahma, Vishnu, Shiva, Sun, Moon, Mars, Mercury, Guru, Venus, Saturn, Rahu and Ketu all make my morning

- सूर्यनमस्कार
५. आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर।
दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोअस्तुते।।
अर्थात :- हे आदिदेव भास्कर आपको प्रणाम है , आप मुझ पर प्रसन्न हो। हे दिवाकर ! आपको नस्कार हे भास्कर आपको प्रणाम है।
Meaning: Hey Adidev Bhaskar, you bow down to me, you are happy with me. Hey Diwakar! You have to bow down to you
By
Purushottam Bhawarkar
be positive